उज्जैन। उज्जैन के महाकाल ज्योतिर्लिंग को नुकसान से बचाने पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा. कोर्ट की तरफ से बनाई गई कमिटी ने बताया है कि पूजा के दौरान महाकाल को चढ़ाई जा रही कुछ चीज़ों से शिवलिंग को नुकसान हो रहा है.
सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी याचिका
करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र महाकाल मंदिर और शिवलिंग को नुकसान से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी. उज्जैन की सामाजिक कार्यकर्ता सारिका गुरु ने कहा था कि भक्तों को गर्भ गृह में जाने और शिवलिंग को स्पर्श करने की इजाज़त नहीं होनी चाहिए.
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश की सड़कों को वाशिंगटन से बेहतर बताया है। उन्होंने यह बयान अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान मंगलवार को दिया था। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया में ट्रोल हो रहे हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव से लेकर कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तक ने मु कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अरुण यादव ने अपने ट्विटर अकाउंट पर प्रदेश की बदहाल सड़कों की फोटो शेयर करके सीएम चौहान के बयानों की भर्त्सना की हैं। सड़क पर गड्ढे दिखाती एक तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा – अमेरिका से बेहतर मध्यप्रदेश की ‘चकाचक’ सड़कों का लुत्फ उठाते प्रदेशवासी, क्यूं ना सिर्फ़ एक बार शिवराज को इन सड़कों पर हिलोरें दे दे कोई…।
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को अमेरिका में भाषण के दौरान मप्र की सड़कों को अमेरिकी सड़कों से बेहतर बताया। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। मप्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने ट्वीट कर कहा कि 'सीएम शिवराज झूठ बोल रहे हैं।' उन्होंने शिवराज सिंह के क्षेत्र बुधनी की सड़क का वीडियो डालकर यह लिखा है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार (24 अक्टूबर) को अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान अपने राज्य की सड़कों को अमेरिका से बेहतर बताया। शिवराज सिंह चौहान ने वाशिंगटन डीसी की सड़कों की हालत पर निराशा जताते हुए कहा, “जब मैं वाशिंगटन डीसी एयरपोर्ट पर उतरा और सड़क यात्रा कि तो मैंने महससू किया कि मध्य प्रदेश की सड़कें अमेरिका से अच्छी हैं।” शिवराज अमेरिका में एक पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। चौहान पांच दिनों की अमेरिका यात्रा पर हैं। अमेरिका के यूएसआईएसपी फोरम के साथ बैठक में मध्य प्रदेश के सीएम अपने सूबे में निवेश के फायदों के बारे में अमेरिकियों को जानकारी देंगे।
भोपाल (वैभव श्रीधर)। अनुकंपा नियुक्ति के नियमों को सरल बनाने की कर्मचारी संगठनों द्वारा लंबे समय से की जा रही मांग अब जल्द पूरी हो सकती है। करीब चार महीने बाद नियमों में बदलाव की फाइल सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) वापस लौट आई है।
विभागीय राज्यमंत्री लालसिंह आर्य ने प्रस्तावों को कैबिनेट के सामने रखने की मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित नियमों के तहत अनुकंपा नियुक्ति के लिए पद नहीं होने पर संविदा नियुक्ति दी जाएगी। साथ ही पुराने निरस्त मामलों की फाइल एक बार फिर खोलने की अनुमति कुछ शर्तों के साथ मिलेगी।
धनतेरस पर बाजारों में जमकर धन बरसा। शुभ मुहूर्त में खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़ ने सड़कों-चौराहों को जाम कर दिया। मंगलवार अल सुबह से आधी रात के बाद तक खरीदारी का उत्साह बरकरार रहा। शहर के तमाम बाजारों में कारोबार का आंकड़ा करीब पौने तीन सौ करोड़ रुपए के पार पहुंच गया।
सबसे ज्यादा कारोबार आभूषण और रत्नों के बाजार में हुआ। ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में भी जमकर उत्साह नजर आया। धनतेरस रियल इस्टेट कारोबारियों के चहरे पर भी मुस्कान बिखेर गई।
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले हुए। सरकार ने संविदा शिक्षकों की भर्ती में अतिथि विद्वानों को 25 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का फैसला किया है। इसके अलावा उन्हें 9 साल की आयु में छूट भी दी जाएगी। 3 सालों से अधिक पढ़ाने वाले अतिथि शिक्षकों को लाभ मिलेगा।
खुरई (सागर)। किसानों की उनकी फसलों का उचित दाम मिलेगा। सरकार समर्थन मूल्य पर किसानों से उनकी फसलों का एक-एक दाना खरीदेगी। किसानों की मेहनत को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। ये कहना है मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का। सीएम शिवराज सागर के खुरई में भावान्तर भुगतान योजना के आयोजन के मौके पर बोल रहे थे।
इंदौर: मध्यप्रदेश सरकार ने गुरुवार को संकेत दिए कि गुजरात, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर वह भी पेट्रोल और डीजल पर मूल्य संवर्धित कर (वैट) घटाकर जनता को इन ईंधनों की महंगाई से राहत दे सकती है. बता दें पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने पांच अक्तूबर को सभी राज्यों से अपील की थी कि वे पेट्रोल और डीजल पर करों की दरों में कटौती करें.
भोपाल। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के नाम पर मनमानी वसूली की शिकायतों के बीच कस्टम एवं सेंट्रल टैक्स विभाग अब कारोबारियों को समझाइश देने में जुट गया है। विभाग को इस संबंध में नकारात्मक फीडबैक के साथ दुकानदारों द्वारा ज्यादा टैक्स वसूली की शिकायतें मिल रही हैं। पिछले साल तक विभाग का मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में 30 हजार करोड़ रुपए का राजस्व कलेक्शन हुआ था, इस बार शुरुआती मंदी के आसार नजर आ रहे हैं।